Friday, 31 May 2019

Astrology

जय अंबे श्री  !आज के समय में ज्योतिष विषय जितना ही रोचक और रहस्यमय है उतना ही ज्योतिष के साथ अन्याय हो रहा परिणामत: ज्योतिषी ज्यादा, ज्योतिष कम !आपको    गली गली में हाथ देखने वाले लोग मिल जाएंगे,   इस विषय के साथ  अन्याय हुआ वर्तमान में ज्योतिष की बहुत सारी विधाओं में से मात्र जन्म कुंडली और हस्तरेखा शास्त्र ही

दिखाई पड़ती है जबकि भारत में रमल शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र की बहुत सारी शाखाएं ऐसी हैं जिन पर सुनकर के यकीन करना ही मुश्किल होता है, यह सब विषयों के ध्यान रखते हुए मैंने श्री ज्योतिष अनुसंधान एवं परामर्श केंद्र की स्थापना की। और मैंने बहुत अनुसंधान करने के पश्चात यह निष्कर्ष निकाला कि जन्म कुंडली और सामुद्रिक शास्त्र क को मिलाकर भी आप की तत्काल की फोटो के आधार पर आगे समस्याओं का समाधान बताया जा सकता है जिसका चमत्कारी परिणाम बहुत देखने में आया है।